जशपुर जिला प्रशासन और यूनिसेफ के संयुक्त तत्वाधान में किशोर स्वास्थ्य, ऑनलाइन सुरक्षा, जीवन कौशल और रोजगार हेतु सुरक्षित पलायन पर ध्यान देने के साथ ही किशोर सशक्तिकरण की दिशा में प्रगति लाने के लिए ‘जय हो’ कार्यक्रम की शुरुआत की जा रही है।
किशोरों को विभिन्न संबंधित क्षेत्रों में अपनाएं जाने वाले प्रमुख व्यवहारों के अनुकूल बनाया जाना है, जिससे वे समुदाय में स्वस्थ व्यवहारों का विस्तार कर सके और लोगों के बीच सजगता ला सके।
जशपुर विभिन्न चुनौतियों के साथ छत्तीसगढ़ का एक सीमावर्ती जिला है। NHFS-5 (राष्ट्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार सर्वेक्षण) के अनुसार जिले में किशोरों में अनिमिया, बाल विवाह, कम उम्र में गर्भावस्था, मादक पदार्थों का सेवन जैसी कई गंभीर चुनौतियों की सुची का खुलासा किया है।
डिजिटल मीडिया व स्मार्ट फोन के सुरक्षित उपयोग और असामाजिक तत्वों के बहकावे में आने जैसी दिक्कत से बाहर लाने जैसे चिंतनीय मुद्दों पर भी किशोरों व युवाओं को जागरूक करने पर जोर दिया गया है।